फसल तैयार होने के बाद उसे रखने की जगह नहीं है? फल-सब्जी जल्दी खराब हो जाती है? छंटाई, पैकिंग या शुरुआती प्रोसेसिंग की सुविधा बनाना चाहते हैं?
ऐसी कृषि सुविधाओं के लिए Agriculture Infrastructure Fund (AIF) के तहत बैंक लोन पर ब्याज में मदद मिल सकती है।
AIF का उद्देश्य खेत से बाजार तक जरूरी कृषि सुविधाएं तैयार करने में किसानों, किसान समूहों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों की मदद करना है।
सबसे पहले यह समझें: AIF सब्सिडी वाला मुफ्त पैसा नहीं है
AIF के तहत बैंक या दूसरी मान्य वित्तीय संस्था से लोन लिया जाता है।
पात्र लोन पर:
- सालाना 3% ब्याज की राहत मिल सकती है।
- यह ब्याज राहत लोन की ₹2 करोड़ तक की राशि पर लागू होती है।
- लोन ₹2 करोड़ से ज्यादा भी हो सकता है, लेकिन 3% ब्याज राहत ₹2 करोड़ तक की राशि पर ही मिलेगी।
- पात्र मामलों में क्रेडिट गारंटी की सुविधा भी मिल सकती है।
इसलिए अगर कोई कहे कि “AIF में सरकार 2 करोड़ रुपये देती है”, तो यह सही जानकारी नहीं है।
किन कामों के लिए AIF का फायदा मिल सकता है?
AIF के तहत कई तरह की कृषि सुविधाएं बनाई जा सकती हैं, जैसे:
- गोदाम
- साइलो
- कोल्ड स्टोरेज
- कोल्ड चेन
- पैक हाउस
- फसल की छंटाई और ग्रेडिंग यूनिट
- गुणवत्ता जांच की सुविधा
- राइपेनिंग चैंबर
- पैकेजिंग यूनिट
- अनाज, दाल, फल-सब्जी आदि की शुरुआती प्रोसेसिंग
- रीफर या इंसुलेटेड वाहन
- फसल अवशेष और कृषि कचरा मैनेजमेंट से जुड़ी सुविधाएं
- किसानों द्वारा मिलकर इस्तेमाल की जाने वाली कृषि सुविधाएं
अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए पात्रता अलग हो सकती है। इसलिए DPR बनाने से पहले AIF की मौजूदा पात्र परियोजनाओं की सूची जरूर देखें।
प्रोसेसिंग यूनिट बनानी है तो यह फर्क जरूर समझें
यह बहुत महत्वपूर्ण है।
प्राइमरी प्रोसेसिंग से जुड़ी पात्र परियोजनाओं को AIF के तहत मदद मिल सकती है।
इसके अलावा प्राइमरी और सेकंडरी प्रोसेसिंग को मिलाकर बनाई गई इंटीग्रेटेड यूनिट भी पात्र हो सकती है।
लेकिन केवल सेकंडरी प्रोसेसिंग वाली अलग यूनिट AIF में पात्र नहीं है। ऐसे प्रोजेक्ट के लिए दूसरी सरकारी योजनाएं देखनी पड़ सकती हैं।
इसलिए प्रोसेसिंग यूनिट की योजना बनाते समय बैंक या AIF से यह जरूर जांच लें कि आपका काम किस श्रेणी में आता है।
किन लोगों को AIF का फायदा मिल सकता है?
AIF केवल बड़ी कंपनियों के लिए नहीं है।
पात्रता के अनुसार इनमें शामिल हो सकते हैं:
- किसान
- कृषि उद्यमी
- FPO/FPC
- सहकारी समितियां
- स्वयं सहायता समूह
- स्टार्टअप
- कृषि से जुड़े दूसरे पात्र संगठन
आपकी संस्था या प्रोजेक्ट पात्र है या नहीं, इसकी पुष्टि आवेदन से पहले कर लें।
कब AIF आपके काम आ सकता है?
मान लीजिए आपके इलाके में:
- किसानों को कटाई के तुरंत बाद फसल बेचनी पड़ती है।
- पास में अच्छा गोदाम नहीं है।
- फल और सब्जियां रखने की सुविधा नहीं होने से खराब हो जाती हैं।
- किसानों को छंटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग की सुविधा नहीं मिलती।
- बड़े खरीदार तक माल पहुंचाने में दिक्कत होती है।
- कई किसान मिलकर एक गोदाम, पैक हाउस या दूसरी सुविधा बनाना चाहते हैं।
ऐसी स्थिति में AIF के तहत प्रोजेक्ट बनाने पर विचार किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले क्या जांचें?
सिर्फ यह तय कर लेना कि “गोदाम बनाना है” काफी नहीं है।
पहले इन बातों पर काम करें:
- सुविधा कहां बनेगी?
- जमीन अपनी है या लीज पर?
- आसपास कितने किसान इसका इस्तेमाल करेंगे?
- साल में कितना माल यहां आ सकता है?
- फसल कौन-कौन सी है?
- खरीदार कौन होंगे?
- सड़क और बिजली की सुविधा कैसी है?
- प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी होगी?
- अपनी तरफ से कितनी रकम लगा सकते हैं?
- बैंक से कितना लोन चाहिए?
- जरूरी सरकारी अनुमति कौन-कौन सी होगी?
इन सवालों के जवाब आपकी DPR और बैंक की जांच दोनों में काम आएंगे।
DPR क्या है और क्यों जरूरी है?
बड़े कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए आमतौर पर DPR यानी Detailed Project Report तैयार करनी होती है।
इसमें प्रोजेक्ट की पूरी योजना रहती है, जैसे:
- क्या बनाया जाएगा
- कितनी जमीन चाहिए
- मशीन और निर्माण की लागत
- कुल प्रोजेक्ट लागत
- कितना लोन चाहिए
- कितनी आमदनी होने की उम्मीद है
- खर्च कितना होगा
- माल कहां से आएगा
- खरीदार कौन होंगे
- लोन कैसे चुकाया जाएगा
AIF पोर्टल पर अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट के लिए DPR के नमूने और टेम्पलेट भी उपलब्ध हैं।
आवेदन कैसे करें?
1. पहले प्रोजेक्ट तय करें
गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस या प्रोसेसिंग यूनिट में से आपको वास्तव में क्या बनाना है, इसे साफ करें।
2. लागत का शुरुआती अनुमान बनाएं
जमीन, भवन, मशीन, बिजली, सोलर, वाहन और दूसरी जरूरतों का मोटा खर्च निकालें।
3. DPR तैयार करें
प्रोजेक्ट की सही DPR बनाएं। जरूरत हो तो इस काम के जानकार व्यक्ति की मदद लें।
सिर्फ बहुत बड़े-बड़े आंकड़े दिखाने के बजाय वास्तविक लागत, संभावित कारोबार और लोन चुकाने की क्षमता दिखाना ज्यादा जरूरी है।
4. AIF पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें
आधिकारिक AIF पोर्टल पर लाभार्थी के रूप में रजिस्ट्रेशन करके आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
5. बैंक चुनें
AIF से जुड़े बैंक या दूसरी मान्य वित्तीय संस्था के माध्यम से लोन के लिए आवेदन करें।
बैंक आपके प्रोजेक्ट, कागज, अपनी तरफ से लगाई जाने वाली रकम और लोन चुकाने की क्षमता की जांच करेगा।
6. बैंक की मंजूरी के बाद आगे बढ़ें
AIF के तहत आवेदन करने भर से लोन मंजूर नहीं होता।
अंतिम लोन मंजूरी बैंक की जांच और उसकी शर्तों पर निर्भर करेगी।
₹2 करोड़ वाली बात को सही तरीके से समझें
AIF को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम इसी बात पर होता है।
मान लीजिए किसी पात्र प्रोजेक्ट के लिए बैंक ने ₹1 करोड़ का लोन मंजूर किया है। पात्रता और दूसरी शर्तें पूरी होने पर उस लोन पर 3% सालाना ब्याज राहत मिल सकती है।
अगर पात्र लोन ₹3 करोड़ का है, तो ब्याज राहत की गणना ₹2 करोड़ तक की राशि पर होगी, पूरे ₹3 करोड़ पर नहीं।
इसलिए ₹2 करोड़ सहायता और ₹2 करोड़ तक के लोन पर ब्याज सहायता दोनों अलग बातें हैं।
क्या AIF को दूसरी सरकारी योजना के साथ जोड़ा जा सकता है?
कुछ मामलों में AIF को दूसरी केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है।
इससे किसी प्रोजेक्ट में दूसरी योजना की सब्सिडी और AIF की ब्याज सहायता दोनों का फायदा मिल सकता है, बशर्ते संबंधित योजनाओं के नियम इसकी अनुमति देते हों। AIF पोर्टल भी कई सरकारी योजनाओं के साथ इस तरह के जुड़ाव की जानकारी देता है।
इस संभावना को DPR तैयार करते समय जरूर जांचें।
इन गलतियों से बचें
AIF को 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी समझ लेना
AIF मुख्य रूप से लोन पर ब्याज सहायता देता है।
पहले निर्माण शुरू कर देना, बाद में बैंक से बात करना
बड़ा खर्च करने से पहले बैंक और AIF की पात्रता समझ लें।
सिर्फ सेकंडरी प्रोसेसिंग यूनिट को पात्र मान लेना
अलग सेकंडरी प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट सामान्य तौर पर AIF में पात्र नहीं है।
जरूरत से बहुत बड़ा प्रोजेक्ट बना देना
बैंक यह भी देखेगा कि कारोबार से लोन चुकाने लायक आमदनी होगी या नहीं।
बाजार की योजना न बनाना
गोदाम या पैक हाउस तभी चलेगा जब उसके पास पर्याप्त किसान, फसल और खरीदार हों।
स्थानीय मंजूरी को नजरअंदाज करना
जमीन, भवन, बिजली, फायर और प्रोजेक्ट के प्रकार के अनुसार दूसरी मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है।
बैंक जाने से पहले ये चीजें तैयार रखें
- प्रोजेक्ट क्या है
- प्रोजेक्ट कहां लगेगा
- जमीन की जानकारी
- अनुमानित लागत
- कितना लोन चाहिए
- अपनी तरफ से कितनी रकम लगाएंगे
- आसपास कौन सी फसल और कितनी मात्रा में होती है
- संभावित ग्राहक या खरीदार कौन हैं
- शुरुआती DPR या प्रोजेक्ट रिपोर्ट
इतनी तैयारी के साथ बैंक जाने पर बातचीत ज्यादा स्पष्ट होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या AIF में सरकार 2 करोड़ रुपये देती है?
नहीं। AIF में पात्र लोन की ₹2 करोड़ तक की राशि पर सालाना 3% ब्याज राहत मिल सकती है। यह सीधे मिलने वाली ₹2 करोड़ की सब्सिडी नहीं है।
क्या अकेला किसान आवेदन कर सकता है?
हां, पात्रता और प्रोजेक्ट के अनुसार व्यक्तिगत किसान भी AIF के तहत आवेदन कर सकता है।
क्या FPO गोदाम या पैक हाउस के लिए आवेदन कर सकता है?
हां, पात्र FPO कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या प्रोसेसिंग यूनिट के लिए AIF मिल सकता है?
प्राइमरी प्रोसेसिंग और पात्र इंटीग्रेटेड प्राइमरी + सेकंडरी प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं। केवल सेकंडरी प्रोसेसिंग वाली अलग यूनिट सामान्य तौर पर पात्र नहीं है।
क्या लोन अपने आप मंजूर हो जाएगा?
नहीं। AIF के तहत आवेदन करने के बाद भी बैंक प्रोजेक्ट की लागत, कमाई की संभावना, कागजात और लोन चुकाने की क्षमता की जांच करता है।
अभी क्या करें?
अगर आप गोदाम, पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज या प्रोसेसिंग यूनिट बनाने की सोच रहे हैं तो:
- पहले प्रोजेक्ट और जगह तय करें।
- आसपास उपलब्ध फसल और संभावित ग्राहकों का अंदाजा लगाएं।
- शुरुआती लागत निकालें।
- AIF में अपने प्रोजेक्ट की पात्रता जांचें।
- DPR तैयार करें।
- AIF से जुड़े बैंक से लोन और ब्याज सहायता की मौजूदा शर्तें पूछें।
- बैंक और जरूरी विभागों की प्रक्रिया समझने के बाद ही बड़ा खर्च शुरू करें।
Kishanix सलाह
AIF का फायदा केवल सस्ता लोन मिलने में नहीं है। सही प्रोजेक्ट चुनना ज्यादा जरूरी है।
गोदाम हो, पैक हाउस हो या प्रोसेसिंग यूनिट, पहले यह देखें कि उसका इस्तेमाल कौन करेगा, माल कहां से आएगा और खरीदार कौन होगा।
उसके बाद DPR बनाएं और बैंक से AIF के तहत मिलने वाली मौजूदा ब्याज सहायता और दूसरी शर्तों की पुष्टि करें।




