खेत में पानी की बचत के लिए ड्रिप या स्प्रिंकलर लगवाना चाहते हैं तो सरकार की Per Drop More Crop (PDMC) योजना के तहत आर्थिक मदद मिल सकती है।
यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कम पानी में बेहतर सिंचाई को बढ़ावा देना है।
लेकिन सब्सिडी की रकम, आवेदन का तरीका और पात्रता हर राज्य में अलग हो सकती है। इसलिए सामान खरीदने से पहले अपने राज्य की प्रक्रिया जरूर जांच लें।
कितनी आर्थिक मदद मिल सकती है?
आम तौर पर:
- छोटे और सीमांत किसानों को लागत का लगभग 55% तक सहायता मिल सकती है।
- अन्य किसानों को लगभग 45% तक सहायता मिल सकती है।
- कुछ राज्य अपनी तरफ से अतिरिक्त सहायता भी देते हैं।
- सामान्य तौर पर एक किसान को अधिकतम 5 हेक्टेयर तक की जमीन के लिए सहायता दी जा सकती है।
आपको वास्तव में कितनी सब्सिडी मिलेगी, यह आपके राज्य के मौजूदा नियमों पर निर्भर करेगा।
किन चीजों पर सब्सिडी मिल सकती है?
PDMC के तहत मुख्य रूप से खेत में कम पानी से सिंचाई करने वाली व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाता है, जैसे:
- ड्रिप सिंचाई
- स्प्रिंकलर
- फसल और खेत के अनुसार पूरी माइक्रो-इरिगेशन व्यवस्था
हर बाजार में मिलने वाली ड्रिप या स्प्रिंकलर किट पर सब्सिडी नहीं मिलती। योजना के नियमों के अनुसार ही सामान खरीदना और लगवाना जरूरी होता है।
आवेदन से पहले क्या तैयार रखें?
राज्य के अनुसार दस्तावेज अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर ये कागज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- बैंक खाते का विवरण
- जमीन के कागज, जैसे खसरा या जमाबंदी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- खेत और फसल की जानकारी
- कुछ राज्यों में पानी के स्रोत से जुड़ी जानकारी
- जहां मांगा जाए वहां मिट्टी या पानी की जांच रिपोर्ट
आवेदन से पहले अपने राज्य की वेबसाइट पर दस्तावेजों की पूरी सूची जरूर देखें।
आवेदन कैसे करें?
1. अपने राज्य की योजना देखें
अपने राज्य के कृषि या बागवानी विभाग की वेबसाइट पर ड्रिप, स्प्रिंकलर, माइक्रो-इरिगेशन या PDMC से जुड़ी जानकारी देखें।
कई राज्यों में आवेदन ऑनलाइन किया जाता है।
2. पहले आवेदन करें, बाद में सामान खरीदें
यह बहुत जरूरी है।
कई राज्यों में पहले आवेदन और मंजूरी लेना जरूरी होता है। इसे कई जगह प्री-सैंक्शन कहा जाता है।
अगर आपने मंजूरी से पहले ही ड्रिप या स्प्रिंकलर खरीद लिया तो उस पर सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है।
3. मान्य कंपनी या विक्रेता की सूची देखें
राज्य सरकार आमतौर पर उन कंपनियों या विक्रेताओं की सूची जारी करती है जिनसे योजना के तहत सामान खरीदा जा सकता है।
केवल सूची में शामिल कंपनी या विक्रेता से ही सामान लेने की कोशिश करें।
4. खेत के हिसाब से लागत का अनुमान लें
ड्रिप या स्प्रिंकलर की लागत इन बातों पर निर्भर करती है:
- खेत का क्षेत्रफल
- कौन सी फसल लगी है
- पानी का स्रोत
- ड्रिप या स्प्रिंकलर का प्रकार
- पाइप और दूसरे जरूरी सामान
मान्य कंपनी से लागत का पूरा विवरण लें और देखें कि उसमें कौन-कौन सा सामान शामिल है।
5. मंजूरी के बाद ही इंस्टॉलेशन कराएं
आवेदन मंजूर होने के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार ड्रिप या स्प्रिंकलर लगवाएं।
बिल, भुगतान की रसीद और इंस्टॉलेशन से जुड़े सभी कागज संभाल कर रखें।
6. खेत की जांच हो सकती है
सिस्टम लगने के बाद कृषि विभाग या संबंधित एजेंसी खेत पर आकर जांच कर सकती है।
जांच में यह देखा जा सकता है कि:
- सिस्टम वास्तव में लगाया गया है या नहीं
- तय सामान इस्तेमाल हुआ है या नहीं
- खेत और आवेदन की जानकारी सही है या नहीं
- सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं
जांच पूरी होने के बाद राज्य की प्रक्रिया के अनुसार सब्सिडी दी जाती है।
खरीदने से पहले ये बातें जरूर पूछें
विक्रेता या कंपनी से साफ-साफ पूछें:
- कंपनी राज्य की मान्य सूची में है या नहीं।
- कुल लागत कितनी होगी।
- किसान को अपनी जेब से कितना देना होगा।
- कौन-कौन सा सामान मिलेगा।
- सामान की वारंटी कितनी है।
- खराबी आने पर सर्विस कौन देगा।
- इंस्टॉलेशन के बाद कितने समय तक सर्विस मिलेगी।
जहां संभव हो, इन बातों को लिखित में लें।
इन गलतियों से बचें
मंजूरी से पहले सामान खरीद लेना
कुछ राज्यों में ऐसा करने पर सब्सिडी नहीं मिल सकती।
किसी भी दुकानदार से ड्रिप किट खरीद लेना
बाजार में मिलने वाली हर किट योजना के लिए मान्य नहीं होती।
सिर्फ कम कीमत देखकर सामान लेना
घटिया पाइप, फिल्टर या दूसरी सामग्री जल्दी खराब हो सकती है।
बिल और रसीद न रखना
योजना से जुड़ा हर बिल और भुगतान का प्रमाण सुरक्षित रखें।
सर्विस और वारंटी न पूछना
ड्रिप सिस्टम को समय-समय पर सफाई और देखभाल की जरूरत पड़ती है। इसलिए सर्विस की जानकारी पहले ही लें।
अपने राज्य में ये बातें जरूर जांचें
आवेदन से पहले पता करें:
- अभी आवेदन खुले हैं या नहीं।
- आपके जिले के लिए योजना उपलब्ध है या नहीं।
- छोटे और सीमांत किसानों को कितनी सब्सिडी मिल रही है।
- अन्य किसानों को कितनी सहायता मिलेगी।
- अधिकतम कितनी जमीन पर सहायता मिलेगी।
- आवेदन ऑनलाइन होगा या कृषि कार्यालय से।
- कौन-कौन सी कंपनियां मान्य हैं।
- खरीद से पहले मंजूरी जरूरी है या नहीं।
- किसान को पहले कितनी रकम जमा करनी होगी।
इनकी जानकारी राज्य के कृषि विभाग, बागवानी विभाग या संबंधित सरकारी पोर्टल से मिल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं किसी भी दुकान से ड्रिप या स्प्रिंकलर खरीदकर सब्सिडी ले सकता हूं?
आमतौर पर नहीं। योजना के तहत राज्य की तय प्रक्रिया और मान्य कंपनी या विक्रेता से ही खरीद करनी होती है।
कितनी जमीन पर सब्सिडी मिल सकती है?
सामान्य तौर पर एक किसान को कुल 5 हेक्टेयर तक सहायता मिल सकती है। आपके राज्य में सीमा अलग भी हो सकती है।
छोटे किसान को कितनी सब्सिडी मिलती है?
आम तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए सहायता लगभग 55% तक और अन्य किसानों के लिए लगभग 45% तक हो सकती है। राज्य अपनी तरफ से अतिरिक्त सहायता दे सकता है।
सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है?
कई राज्यों में भुगतान DBT के माध्यम से किया जाता है। लेकिन भुगतान का तरीका और समय राज्य की प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकता है।
ड्रिप सिस्टम खराब हो जाए तो क्या करें?
सिस्टम खरीदते समय कंपनी की वारंटी और सर्विस की शर्तें जरूर लें। समस्या होने पर पहले कंपनी से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर कृषि या बागवानी विभाग में शिकायत भी की जा सकती है।
अभी क्या करें?
अगर आप ड्रिप या स्प्रिंकलर लगवाना चाहते हैं तो:
- अपने खेत का क्षेत्रफल और फसल की जानकारी नोट करें।
- पानी का स्रोत देखें।
- अपने राज्य की PDMC या माइक्रो-इरिगेशन योजना की जानकारी देखें।
- आवेदन के लिए जरूरी कागज तैयार करें।
- मान्य कंपनियों की सूची देखें।
- सरकारी मंजूरी मिलने से पहले सामान न खरीदें।
Kishanix सलाह
ड्रिप या स्प्रिंकलर पर सब्सिडी लेने के लिए जल्दबाजी में सामान न खरीदें। पहले अपने राज्य की योजना, सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया और मान्य कंपनी की जानकारी जांचें।
पहले आवेदन और मंजूरी, उसके बाद ही खरीद और इंस्टॉलेशन सबसे सुरक्षित तरीका है।




